प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तर प्रदेश के जेवर शहर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप इस हवाई अड्डे का विकास, संपर्क को बढ़ावा देने और विमानन क्षेत्र को भविष्य की आवश्‍यकताओं के आधार पर किया जा रहा है।

इस परिकल्‍पना में उत्तर प्रदेश राज्य पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है और इसी के अनुरूप राज्‍य में कई हवाई अडडों का विकास किया जा रहा है। इससे कई उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और नए रोजगार सृजित होंगे। हवाई अड्डे को सड़क, रेल और मेट्रो से जोड़ा जायेगा। यह भारत का पहला नैट जीरो उत्सर्जन हवाई अड्डा होगा।

राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली में, इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा के बाद यह दूसरा अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इस हवाई अड्डे के बन जाने के बाद इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे में भीड़-भाड़ कम होगी। दिल्‍ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और आसपास के यात्री इससे लाभान्वित हो सकेंगे। इसके साथ ही दिल्‍ली देश का पहला शहर बन जायेगा, जहां 70 किमी के दायरे में अब तीन एयरपोर्ट होंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए, नोएडा और दिल्‍ली को निर्बाध मेट्रो सेवा के जरिये जोड़ा जायेगा।

उत्‍तर प्रदेश को विश्‍व मानचित्र पर लाने में, नोएडा अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत में पहली बार किसी हवाई अड्डे में मल्‍टी मॉडल कार्गो केन्‍द्र की व्‍यवस्‍था होगी। इसके कार्गो टर्मिनल की क्षमता बीस लाख मीट्रिक टन है, जिसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन कर दिया जायेगा।

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