प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी। इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा, यह नया हवाई अड्डा आधुनिक बुनियादी ढांचे का मार्ग प्रशस्त करके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, 21वीं सदी के नए भारत में बेहतरीन आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, बेहतर सड़कें, बेहतर रेल नेटवर्क और बेहतर हवाईअड्डे न केवल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं हैं, बल्कि लोगों के जीवन को बदलकर पूरे क्षेत्र को बदल देते हैं। उन्होंने कहा, यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से पूरा बदल देगा, खासकर राज्य के पश्चिमी हिस्से में। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा न केवल लोगों को रोजगार के जबरदस्त अवसर प्रदान करेगा, बल्कि इस क्षेत्र से निर्यात बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को उत्तर भारत का रसद गेटवे बताते हुए श्री मोदी ने कहा, यह पूरे क्षेत्र को राष्ट्रीय गति-शक्ति मास्टर प्लान का एक शक्तिशाली प्रतिबिंब बना देगा। उन्होंने कहा कि यह हवाईअड्डा हवाई जहाजों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र बनेगा और एकीकृत मल्टी मॉडल कार्गो हब बनाने के सपने को भी पूरा करेगा।

उत्तर प्रदेश के विकास की अनदेखी के लिए पिछली सरकारों पर हमला करते हुए श्री मोदी ने कहा, उन्होंने हमेशा राज्य के लोगों को झूठे सपने दिखाए। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश वर्तमान भाजपा सरकार के तहत विकास की नई ऊंचाईयों को छू रहा है और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा, आजादी के सात दशकों के बाद उत्तर प्रदेश को वह मिलना शुरू हो गया है जिसके वह हमेशा से हकदार थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कई राज्य मंत्री मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, इससे लोगों के लिए रोजगार के अपार अवसर पैदा होंगे।
 नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, यह हवाई अड्डा चालू होने के बाद 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि इस हवाईअड्डे के शुरू होने से लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, मौजूदा सरकार में पिछले सात साल में अब तक 62 नए हवाईअड्डे बनाए गए हैं.

  इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा मिलेगा और निवेश के विशाल अवसरों को आकर्षित करके आसपास के क्षेत्रों को बदलने में मदद मिलेगी। यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का हब बनाकर उसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 समर्पित कार्गो टर्मिनल की क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन होगी, जिसे आने वाले वर्षों में 80 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाएगा। प्रस्तावित स्थल आगरा, वृंदावन, मथुरा जैसे प्रमुख पर्यटक आकर्षणों के करीब है जो पर्यटन क्षेत्र की सुविधा प्रदान करेगा। 1,300 हेक्टेयर से अधिक भूमि में फैले इस हवाई अड्डे की क्षमता एक वर्ष में लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करने की होगी। हवाई अड्डे के विकास का पहला चरण 2024 तक पूरा होने वाला है।

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